बीआरसी डोभी में ‘कायाकल्प’ और ‘निपुण लक्ष्य’ पर मंथन
छात्रों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, ग्राम प्रधानों को मिला शिक्षा सशक्तिकरण का संदेश

संवाददाता- अर्पिता न्यूज़ खबर इंडिया
डोभी, जौनपुर।
ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) डोभी में स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रधानों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डोभी ब्लॉक प्रमुख अजय प्रकाश सिंह ‘केडी’ सिंह एवं खंड विकास अधिकारी नंदलाल कुमार ने माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी रमाकान्त सिंह ने शासन की प्राथमिकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत 19 मानकों पर विद्यालयों को संतृप्त कर मूलभूत सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं। साथ ही निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों एवं डीबीटी की धनराशि के समुचित उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

एआरपी राजेश यादव, संजय गुप्ता, राकेश सेठ और संतोष यादव ने संयुक्त रूप से ‘निपुण भारत मिशन’ के लक्ष्यों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से डोभी ब्लॉक को पूर्णतः ‘निपुण’ बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और बाल विवाह पर प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत कर उपस्थित जनों का मन मोह लिया। उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए विद्यालय की वार्डन ऋचा सिंह को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि अजय प्रकाश सिंह ‘केडी’ ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला प्राथमिक विद्यालयों में रखी जाती है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत सभी विद्यालयों को 19 मानकों पर संतृप्त कर आधुनिक स्वरूप प्रदान करें। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना और हाल ही में 100 मेधावी छात्रों के बीएलडब्ल्यू वाराणसी भ्रमण को शिक्षा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक सतीश कुमार यादव ने प्रभावी ढंग से किया। इस अवसर पर शिक्षक संघ के अध्यक्ष आलोक रघुवंशी, मंत्री संतोष सिंह सहित अनेक शिक्षक व ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
अंत में शिक्षक संघ के संरक्षक संजय यादव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
✍️ शिक्षा सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
यह कार्यशाला न केवल विद्यालयों के कायाकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण रही, बल्कि ‘निपुण लक्ष्य’ को प्राप्त करने के लिए सामूहिक संकल्प का मंच भी बनी।




