चन्दवक में थम नहीं रहे सड़क हादसे मोढ़ैला से कनौरा के बीच ‘मौत का रास्ता’, एक हफ्ते में गईं कई जानें
तेज रफ्तार वाहनों, अधूरी मरम्मत और लापरवाही पर उठे सवाल

प्रशासन पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता अनिल पांडेय
चन्दवक जौनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोढ़ैला से कनौरा गांव के बीच सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं ने स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है। बीते एक सप्ताह के भीतर कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह लगातार हो रही दुर्घटनाएं कहीं न कहीं प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था को उजागर करती हैं। लोगों का कहना है कि शिकायतों और मांगों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
अधूरी मरम्मत और अव्यवस्थित यातायात बना कारण
ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में एनएचआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) द्वारा कराई गई सड़क मरम्मत गुणवत्ता विहीन रही है। जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क और बिना संकेतक के चल रहे निर्माण कार्य हादसों को न्योता दे रहे हैं।
तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही भी बड़ी समस्या बन चुकी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के समय बड़े ट्रक और डंपर तेज गति से गुजरते हैं, जिससे बाइक और छोटे वाहनों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता।
एक सप्ताह में कई हादसे, उजड़े कई परिवार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाल के दिनों में हुए हादसों में कुछ लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कई गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इन घटनाओं ने क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक, स्ट्रीट लाइट और पुलिस की नियमित गश्त की व्यवस्था की जाती तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।
लोगों में भारी आक्रोश
लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर क्षेत्रीय जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की गुणवत्ता सुधारने, यातायात नियंत्रण और भारी वाहनों की गति पर लगाम लगाने के ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
प्रशासन से जनता की प्रमुख मांगें:
सड़क की तत्काल गुणवत्ता जांच और पुनः मरम्मत,मोढ़ैला–गोनौली मार्ग पर स्पीड ब्रेकर व चेतावनी बोर्ड,भारी वाहनों की रफ्तार पर सख्त निगरानी,नियमित पुलिस गश्त और ट्रैफिक नियंत्रण
मोढ़ैला से कनौरा के बीच का यह मार्ग अब आम लोगों के लिए खतरे का पर्याय बनता जा रहा है। लगातार हो रही मौतें और गंभीर हादसे प्रशासनिक तंत्र के लिए बड़ी चेतावनी हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह ‘मौत की सड़क’ और भी कई जिंदगियां निगल सकती है।




