
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। जनपद के प्रशासनिक अमले में सोमवार को उस समय हलचल मच गई जब डॉ. दिनेश चंद्र ने तहसील मड़ियाहू का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने राजस्व कार्यों की प्रगति और अभिलेखों के रखरखाव की स्थिति का गहन जायजा लिया तथा न्यायिक कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने तहसील परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम, उपजिलाधिकारी न्यायालय, तहसीलदार न्यायालय, रजिस्ट्रार कानूनगो कक्ष और कंप्यूटर कक्ष का बारीकी से निरीक्षण किया।
निर्विवाद वरासत मामलों पर सख्त रुख समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि निर्विवाद वरासत से जुड़े कुछ प्रकरण मामूली त्रुटियों के आधार पर निरस्त कर दिए गए हैं। इस पर उन्होंने राजस्व परिषद के निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में आवेदन निरस्त करने से पहले तहसीलदार पूर्ण रूप से संतुष्ट हों और समुचित परीक्षण के बाद ही अंतिम निर्णय लें।
उन्होंने निर्देश दिया कि अब तक निरस्त किए गए सभी प्रकरणों की पुनः समीक्षा की जाए ताकि कोई भी पात्र आवेदक अनावश्यक रूप से वंचित न रहे। उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को सभी निरस्त मामलों की सूची तैयार कर नियमानुसार त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ऑनलाइन व्यवस्थाओं की सराहना तहसील में लागू ऑनलाइन ई-परवाना, अमलदरामद सहित अन्य डिजिटल व्यवस्थाओं की जिलाधिकारी ने सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जनसुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी नवीन सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



