
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में रोवर-रेंजर्स 2026 अलॉटमेंट को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के प्रबंधकों ने अलॉटमेंट प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए कुलपति को ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
स्ववित्तपोषित पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रबंधन महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. वंदना सिंह से मुलाकात की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि रोवर-रेंजर्स 2026 के अलॉटमेंट में स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की अनदेखी की गई है। पिछले दो वर्षों से कार्यक्रम आयोजन हेतु उन्हें नामित नहीं किया जा रहा, जबकि अनुदानित महाविद्यालयों को नियमित रूप से अलॉटमेंट दिया गया है।
महासंघ का दावा है कि विश्वविद्यालय से संबद्ध लगभग 650 स्ववित्तपोषित कॉलेज हैं, लेकिन इस बार न तो उनसे कोई प्रस्ताव मांगा गया और न ही कोई आधिकारिक सूचना दी गई। इसे लेकर प्रबंधकों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि यह स्ववित्तपोषित संस्थानों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया है, जिसकी महासंघ घोर निंदा करता है।
प्रबंधकों ने चेतावनी दी है कि यदि जनपदीय समागम और रोवर-रेंजर्स अलॉटमेंट में स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों को शामिल नहीं किया गया तो 5 मार्च के बाद विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन और अनशन किया जाएगा।
इस पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने मामले की जांच कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर संरक्षक अशोक दूबे, संजय सिंह, आनंद शंकर श्रीवास्तव, रामनाथ यादव, राजकुमार मौर्य और शेषनाथ शर्मा सहित अन्य प्रबंधक मौजूद रहे।




