
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। जनपद में कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध आपूर्ति से जुड़े बहुचर्चित मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-02 ने बुधवार को यह अहम फैसला सुनाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेसर्स निगम मेडिकल एजेंसी के संचालक देवेश कुमार निगम द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने ठुकरा दिया। अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की मजबूत दलीलों को इस फैसले में निर्णायक माना गया।
यह मामला नगर कोतवाली जौनपुर में दर्ज अपराध संख्या 354/2025 से संबंधित है, जिसकी जांच ड्रग इंस्पेक्टर रजत कुमार द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी के माध्यम से करीब 21 हजार बोतल (प्रत्येक 100 एमएल) ‘न्यू फेन्सिडिल’ कफ सिरप की संदिग्ध आपूर्ति की गई थी, जिसका उपयोग कथित रूप से नशे के रूप में किया जा रहा था।
अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुभाष चंद्र त्रिपाठी ने प्रभावी पैरवी करते हुए कई महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिससे बचाव पक्ष की दलीलें कमजोर पड़ गईं। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियोजन के तर्कों को स्वीकार किया और आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया।
यह पूरा मामला NDPS एक्ट के तहत दर्ज है, जो नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध आपूर्ति के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करता है। अदालत के इस फैसले को अवैध नशा कारोबार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।




