
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता अर्पिता
केराकत जौनपुर। लोक चेतना समिति रतनूपुर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर देशभर के साथ-साथ जौनपुर के केराकत क्षेत्र में भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
“हम गांधी के साथ हैं” के संदेश के साथ आयोजित इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में सत्य, अहिंसा और शांति के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आज के दौर में बढ़ती हिंसा, असहिष्णुता और नफरत के बीच गांधीवादी विचारों को समाज के केंद्र में पुनः स्थापित करना रहा। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं—सत्य, अहिंसा, प्रेम, समानता और सामाजिक न्याय का विचार।
वक्ताओं ने कहा कि जब समाज में विभाजन, तनाव और असमानता बढ़ रही है, ऐसे समय में गांधी के रास्ते पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। गांधीवाद आज भी समाज को जोड़ने की सबसे मजबूत कड़ी है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही यह संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में सत्य बोलने, अन्याय के खिलाफ अहिंसक संघर्ष करने, कमजोर वर्गों के साथ खड़े रहने और सामाजिक समरसता बनाए रखने जैसे गांधीवादी मूल्यों को अपनाएंगे।
कार्यक्रम में महिला, किशोरी और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सभी ने एक स्वर में कहा—
“हिंसा नहीं, अहिंसा चुनेंगे…
नफरत नहीं, प्रेम फैलाएंगे…
हम गांधी के साथ हैं।”
कार्यक्रम का समापन महात्मा गांधी के प्रिय भजन “वैष्णव जन” के सामूहिक गायन के साथ हुआ, जिससे वातावरण भावनात्मक और श्रद्धा से भर गया।
इस संगोष्ठी में वक्ता के रूप में सुशील चन्द्र मिश्रा, राजकुमार सरोज, दीपमाला, सरिता, ज्योति सहित 14 ग्राम पंचायतों से आए दर्जनों लोगों ने भागीदारी की।
शहादत दिवस पर दिया गया संदेश स्पष्ट रहा—
यदि समाज को जोड़ना है,
तो रास्ता आज भी वही है…
गांधी का रास्ता।




