
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता अर्पिता
केराकत, जौनपुर। “जो खुद हो चुका अतिक्रमण, उस अतिक्रमण को हटाने की क्या उम्मीद…” — यह कहावत इन दिनों जौनपुर के केराकत में पूरी तरह सच साबित होती नजर आ रही है।
तहसील मुख्यालय स्थित मजिस्ट्रेट कार्यालय गेट के सामने की सड़क पर अवैध अतिक्रमण इस कदर हावी है कि पूरी सड़क दुकानों से पट चुकी है। दिनभर सैकड़ों गांवों से आने-जाने वाले लोगों की भीड़ रहती है, लेकिन संकरी हो चुकी इस सड़क पर चलना तक मुश्किल हो गया है।
हालात ये हैं कि सुबह से शाम तक यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इसी रास्ते से गुजरते हैं। बंद गाड़ियों में कार्यालय तक पहुंचते हैं, लेकिन इस गंभीर समस्या पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
एक ओर सरकार प्रदेशभर में अतिक्रमण हटाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर केराकत की यह सड़क जमीनी हकीकत को बयां कर रही है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब अपनी कुंभकरणीय नींद से जागेंगे और इस अतिक्रमण से जनता को राहत दिलाएंगे?




