
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। प्रदेश के 331 अनुदानित महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में कार्यरत करीब 3,000 असिस्टेंट प्रोफेसरों ने सेवा सुरक्षा, सम्मानजनक मानदेय और सेवा विनियमन की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है। सोमवार को अशासकीय अनुदानित महाविद्यालय/विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ, जौनपुर के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अपनी मांगों से अवगत कराया संघ के पदाधिकारियों के अनुसार वर्ष 2000 से स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले नौ वर्षों से सेवाओं के विनियमन अथवा यूजीसी वेतनमान के साथ सेवा सुरक्षा की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं हुआ है शिक्षकों ने कहा कि वे शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के उद्देश्य के विरोध में नहीं हैं। अपनी मूल सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए योजना के सांकेतिक बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। संघ का दावा है कि पिछले चार वर्षों में शासन और जनप्रतिनिधियों को हजारों पत्र भेजे गए तथा विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों की समस्याएं उठाई गईं।
संघ ने कहा कि अनेक शिक्षक 45 से 60 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं और लंबे समय से शिक्षण कार्य करने के बावजूद कम मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षकों के मुताबिक इससे उनके परिवारों के साथ-साथ विद्यार्थियों पर भी प्रभाव पड़ रहा है शिक्षकों ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ रोजगार और सेवा सुरक्षा भी सम्मानजनक जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने “शिक्षक एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार मिश्रा, महामंत्री डॉ. संतोष कुमार पांडेय समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। इनमें डॉ. ओम प्रकाश दुबे, डॉ. मृत्युंजय मिश्रा, डॉ. त्रिपुरारी उपाध्याय, डॉ. मधु पाठक, रागिनी राय, डॉ. गुंजन मिश्रा, डॉ. संतोष तिवारी, डॉ. सुधाकर शुक्ला, डॉ. धर्म साहू, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. पवन सिंह, डॉ. उमेश सिंह, डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव, अमित कुमार साहू, डॉ. विक्रम सिंह, अपर्णा सिंह, डॉ. क्षमता राय, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. पूजा सिंह, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. दीपशिखा सिंह, डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. अनीश वर्मा, डॉ. अरविंद गुप्ता और डॉ. अर्चना सिंह सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।




