
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। से एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसले में दहेज हत्या के मामले में अदालत ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2018 में खेतासराय थाना क्षेत्र के मवई गांव का है, जहां विवाह के महज कुछ महीनों बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में जलाकर हत्या कर दी गई थी। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय प्रशांत कुमार सिंह की अदालत ने सुनवाई के बाद पति इमरान, सास रेहाना और पड़ोसन चुन्नी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पति और सास पर 25-25 हजार रुपये तथा पड़ोसन पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन के अनुसार, आजमगढ़ निवासी अब्दुल रईस ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन अंजुम का निकाह 31 दिसंबर 2017 को मवई गांव निवासी इमरान के साथ हुआ था। शादी में पर्याप्त दहेज दिए जाने के बावजूद ससुराल पक्ष मोटरसाइकिल की मांग को लेकर अंजुम को लगातार प्रताड़ित करता था। आरोप था कि 13 मई 2018 को पति, सास और अन्य लोगों ने अंजुम के साथ मारपीट की और उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस विवेचना और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। करीब आठ वर्षों तक चले मुकदमे के बाद आए इस फैसले को दहेज प्रथा के खिलाफ एक सख्त संदेश माना जा रहा है। न्यायालय के इस निर्णय से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई है।




