
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। जलालपुर और सुरेरी थानों में दर्ज कथित जबरन वसूली और लूट के मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की कार्रवाई के बीच सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष और 25 हजार रुपये के इनामी उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में अब तक निलंबित सिपाही सत्येंद्र कुमार गौड़ और विष्णु सिंह समेत तीन आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं जलालपुर मामले में नामजद संकीत सिंह और विकास भी 23 सितंबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
सुरेरी में 1.65 लाख रुपये की कथित वसूली का आरोप
सुरेरी थाने में 22 सितंबर को दर्ज मुकदमे में बड़ागांव, वाराणसी निवासी राजेंद्र दूबे समेत अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है। शिकायत के अनुसार, 13 सितंबर को पीड़ित को फोन कर बुलाया गया और सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों द्वारा खुद को पुलिसकर्मी बताए जाने के बाद उसे वाहन में ले जाया गया। आरोप है कि करीब 1.65 लाख रुपये की रकम यूपीआई के माध्यम से वंशनरायन गिरी के खाते में स्थानांतरित कराई गई जांच में पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका सामने आने के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह को निलंबित किया गया था। बाद में पुलिस अधीक्षक ने आरोपी उपनिरीक्षक समेत दो आरोपितों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया।
जलालपुर में 2.15 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप
जलालपुर थाने में 17 सितंबर को दर्ज मुकदमे में संकीत सिंह, विकास और चार अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है। शिकायत के मुताबिक, पीड़ित को वाहन में बैठाकर मारपीट और धमकी देने के बाद मोबाइल के जरिए यूपीआई से करीब 2.15 लाख रुपये विभिन्न खातों में स्थानांतरित कराए गए। एटीएम से रकम निकाले जाने का भी आरोप है। मामले में नामजद संकीत सिंह और विकास ने पुलिस दबिश के बीच 23 सितंबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था।
पांच सदस्यीय एसआईटी कर रही जांच
दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक ने 22 सितंबर को पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में जांच चल रही है एसआईटी बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन, मोबाइल नंबरों और आरोपितों के बीच संपर्क की पड़ताल कर रही है। जांच में कथित वसूली की रकम के लेनदेन और पूरे प्रकरण से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।




