
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबद्ध महाविद्यालयों की बड़ी लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय ने साफ चेतावनी दी है कि आंतरिक परीक्षा, सेशनल, प्रायोगिक परीक्षा और डिजर्टेशन के अंक हर हाल में 25 जून तक जमा कराए जाएं। तय समय सीमा के बाद भी अंक उपलब्ध नहीं कराने वाले महाविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, 100 से अधिक संबद्ध महाविद्यालयों ने अभी तक छात्रों के आवश्यक अंक विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराए हैं। कॉलेजों की इस टालमटोल के कारण विभिन्न पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। परिणाम का इंतजार कर रहे हजारों छात्रों की चिंता भी बढ़ गई है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि संबद्ध महाविद्यालयों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जिन विषयों का मूल्यांकन पूरा हो गया है, उनके परिणाम तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन कई कॉलेजों की ओर से आंतरिक परीक्षा, सेशनल, प्रायोगिक परीक्षा और डिजर्टेशन के अंक अब तक नहीं भेजे गए हैं उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से महाविद्यालयों को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अंक जमा करने में लापरवाही बरती जा रही है। यह स्थिति सीधे तौर पर परीक्षा परिणाम को प्रभावित कर रही है विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह 10 जुलाई से पहले सभी विषयों के परीक्षा परिणाम जारी करने की तैयारी में है। ऐसे में अंक भेजने में देरी करने वाले कॉलेजों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। अब देखना होगा कि चेतावनी के बाद महाविद्यालय समय पर अंक जमा करते हैं या फिर विश्वविद्यालय की कार्रवाई का सामना करते हैं।



