
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी पर पूर्ण विश्वास जताया है। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 24 घंटे से भी कम समय में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया, जो सरकार की संवेदनशीलता और पारदर्शिता को दर्शाता है। अनुभवी अधिकारियों को मिली जिम्मेदारीनृपेंद्र मिश्र ने बताया कि एसआईटी में एक मंडलायुक्त, एक आईजी रैंक के अधिकारी तथा वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ अधिकारी को शामिल किया गया है। इनमें से एक अधिकारी लंबे समय तक सीबीआई में भी सेवाएं दे चुके हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता और विश्वसनीयता और मजबूत होगी।
7 दिन में प्रारंभिक, 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जांच समिति को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समिति की संस्तुतियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और व्यवस्था में यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा। “पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता”नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं में पूरी पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी आवश्यक सुधार होंगे, उन्हें लागू किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत हो।




