
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
गाजीपुर। दुल्लहपुर रोजी-रोटी की तलाश में विदेश गए दुल्लहपुर क्षेत्र के मियनाबड़ा गांव निवासी 35 वर्षीय रामचरण चौहान की कजाकिस्तान में बीमारी के चलते मौत हो गई। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर ताबूत में बंद होकर गांव पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। पत्नी बेसुध हो गईं, मां का रो-रोकर बुरा हाल है और दो मासूम बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया परिजनों के अनुसार रामचरण चौहान पेशे से कुशल इलेक्ट्रीशियन थे और पिछले छह वर्षों से कतर की यूसीसी कंपनी में कार्यरत थे। बेहतर कार्य प्रदर्शन के कारण कंपनी ने उन्हें लगभग छह माह पहले कजाकिस्तान भेजा था। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी कर वह बच्चों का भविष्य संवारेंगे, लेकिन 30 जून को बीमारी के चलते अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। इसकी सूचना 1 जुलाई को कंपनी द्वारा परिवार को दी गई।
मंगलवार को जब उनका शव पैतृक गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। रामचरण तीन भाइयों और चार बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उनका विवाह लगभग 18 वर्ष पूर्व शर्मिला देवी से हुआ था। वह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और वृद्ध मां फतंगिया देवी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं गांव में शोकपूर्ण माहौल के बीच अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं। इस दौरान ग्राम प्रधान हरिशंकर चौहान, परशुराम मौर्य, संतोष गुप्ता, अनिल वर्मा, समाजसेवी गुड्डू (देवेंद्र चौहान), रामायण चौहान, राजन चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाया रामचरण की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य के निधन से आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।




