
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
वाराणसी। शहर की लगातार बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने पार्किंग प्रबंधन को व्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को स्मार्ट सिटी सभागार में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में पार्किंग प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में नगर निगम ने निजी और सार्वजनिक पार्किंग संचालकों को अपनी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने सभी निजी पार्किंग संचालकों से एक सप्ताह के भीतर विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें रोजाना पार्क होने वाले वाहनों की औसत संख्या, उपलब्ध खाली स्थान और पार्किंग संचालन पर आने वाले खर्च का पूरा ब्यौरा शामिल होगा।
दरअसल, शहर में पार्किंग शुल्क को लेकर लगातार आपत्तियां सामने आ रही थीं। इन आपत्तियों के तार्किक समाधान और शुल्क निर्धारण को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से निगम ने यह आंकड़े मांगे हैं, ताकि वास्तविक स्थिति के आधार पर पार्किंग शुल्क तय किया जा सके।
वहीं शहर के प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगने वाले जाम को देखते हुए नगर निगम ने ‘पिक एंड ड्रॉप’ व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया है। इसके तहत ऑटो और ई-रिक्शा के लिए ऐसे स्थान चिह्नित किए जाएंगे, जहां चालक केवल सवारी उतारेंगे और तुरंत वहां से निकल जाएंगे। इन स्थानों पर वाहनों को खड़ा करने की सख्त मनाही होगी, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके।
इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ऑटो यूनियन के प्रतिनिधियों ने नगर निगम से सुझाव देने के लिए 15 दिनों का समय मांगा है।
बैठक में सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, निजी पार्किंग संचालक, सार्वजनिक पार्किंग के ठेकेदार तथा ऑटो यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन और वाहन संचालकों का सहयोग बेहद जरूरी है।




