
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी बलिराम पटेल को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹20,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में सहआरोपी अनिल पटेल को आरोपों से बरी कर दिया गया अभियोजन के अनुसार, 8/9 अक्टूबर 2020 की रात मछलीशहर थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग पीड़िता अपनी भतीजी के साथ घर में सो रही थी। आरोप है कि देर रात दोनों आरोपी घर के पास धान के खेत में छिपकर बैठे थे और मौका पाकर नाबालिग को उठाकर खेत में ले गए, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान वादी और पीड़िता अपने पूर्व बयानों से मुकर गए। इसके बावजूद उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर अदालत ने बलिराम पटेल को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा और ₹20,000 के जुर्माने से दंडित किया। वहीं, दूसरे आरोपी अनिल पटेल को दोषमुक्त कर दिया।




