
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने 18 वर्ष पुराने हत्या के मामले में आरोपी प्रेमचंद उर्फ पप्पू सरोज को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा ₹20,000 अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, सहआरोपी विनोद सरोज को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया अभियोजन के अनुसार, वादी ने नेवढ़िया थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया था कि 2 मार्च 2008 को उसके पिता राजदेव मौर्य रोज की तरह भोजन करने के बाद गुतवन बाजार स्थित अपनी हार्डवेयर की दुकान पर सोने गए थे। रात में अज्ञात हमलावरों ने दुकान पर पहुंचकर धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी। अगले दिन सुबह दुकान पर पहुंचने पर घटना की जानकारी हुई।
पुलिस विवेचना के दौरान प्रेमचंद उर्फ पप्पू सरोज तथा विनोद सरोज के नाम प्रकाश में आए, जिसके बाद दोनों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया सुनवाई के उपरांत अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रेमचंद उर्फ पप्पू सरोज को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं ₹20,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, विनोद सरोज को साक्ष्य के अभाव में आरोपों से बरी कर दिया।




