
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गेहूँ क्रय केंद्र प्रभारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए शासन द्वारा निर्धारित गेहूँ क्रय नीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने जानकारी दी कि किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ खरीद सुनिश्चित की जाएगी। जनपद में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 6 क्रय संस्थाओं के कुल 139 गेहूँ क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 21, पीसीएफ के 76, पीसीयू के 31, एफसीआई के 4, मंडी समिति के 3 और नैफेड के 4 केंद्र शामिल हैं।
अब तक की प्रगति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि 16 अप्रैल 2026 तक 513 किसानों से 2540.129 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद की जा चुकी है। स्वीकृत केंद्रों में से 69 केंद्रों पर खरीद शुरू हो चुकी है, जबकि शेष केंद्रों पर भी जल्द प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी केंद्रों पर तत्काल खरीद शुरू कराई जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि गेहूँ खरीद के लिए बोरों की पर्याप्त व्यवस्था है। अब तक उचित दर विक्रेताओं से 405 गांठ जूट बोरे प्राप्त किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आवश्यकता अनुसार सभी केंद्रों पर तत्काल बोरे उपलब्ध कराए जाएं।
किसानों की सुविधा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब तक 6627 किसानों ने पंजीकरण कराया है। किसान पंजीकरण प्रपत्र और फार्मर आईडी के साथ किसी भी क्रय केंद्र पर जाकर अपना गेहूँ बेच सकते हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी किसान को फार्मर आईडी के अभाव में वापस न किया जाए। यदि किसी किसान की आईडी नहीं बनी है, तो केंद्र पर ही उसकी आईडी बनाई जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे सुबह 9 बजे अनिवार्य रूप से केंद्र पर उपस्थित रहें, ई-पॉप मशीन पर उपस्थिति दर्ज करें और किसानों के साथ शिष्ट व्यवहार करते हुए नियमों के अनुसार गेहूँ खरीद सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि गेहूँ खरीद में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान प्रेषण और सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की समीक्षा भी की गई। सभी राइस मिलर्स को निर्देश दिए गए कि वे 30 अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत सीएमआर भारतीय खाद्य निगम (FCI) डिपो में जमा कराना सुनिश्चित करें।




