
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की अहम बैठक में कई सख्त और प्रभावी फैसले लिए गए, जिनका सीधा उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना है। जिलाधिकारी ने बैठक में जिले में हो रही लगातार दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि अब लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सबसे बड़ा निर्णय यह लिया गया कि अब सड़क दुर्घटनाओं का हर महीने विस्तृत ऑडिट किया जाएगा। इस ऑडिट के आधार पर दुर्घटनाओं के कारणों का गहराई से विश्लेषण कर भविष्य के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को भी सख्त निर्देश दिए गए कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए, साथ ही सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख स्थानों पर रिफ्लेक्टर और संकेतक अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि इलेक्ट्रिक पोल, पेड़ और भारी वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, ताकि रात के समय दृश्यता बेहतर हो और हादसों की संभावना कम हो सके। पुराने और निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों पर भी प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। ऐसे आउट ऑफ एज वाहनों की पहचान कर उन्हें स्क्रैप करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि “हर व्यक्ति का जीवन अनमोल है, इसलिए सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।” उन्होंने सभी अधिकारियों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ काम करने के निर्देश दिए।




