
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता अर्पिता
चन्दवक/जौनपुर। क्षेत्र के महुली-रतनूपुर निवासी प्रियांशु जायसवाल ने बड़ी उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त करते हुए उन्होंने 141वीं रैंक हासिल की और स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर पद के लिए चयनित हुए हैं प्रियांशु एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता जय प्रकाश जायसवाल मुंबई में किराने की दुकान संचालित कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि माता चंदा जायसवाल भी व्यवसाय में सहयोग करती हैं। आर्थिक रूप से सामान्य पृष्ठभूमि के बावजूद प्रियांशु ने अपने सपनों को कभी सीमित नहीं होने दिया और निरंतर परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया उन्होंने अपनी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा वाराणसी के यूपी कॉलेज से गणित वर्ग में पूरी की। इसके बाद वर्ष 2019 में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की। वर्ष 2024 में उन्होंने यूपीपीसीएस का इंटरव्यू भी दिया, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। हालांकि इस असफलता ने उनके हौसले को कमजोर नहीं किया और उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।
लगातार प्रयासों का परिणाम तब मिला जब यूपीपीसीएस इंटरव्यू के महज दो माह बाद उन्होंने BPSC परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में शानदार सफलता अर्जित कर ली। उनके पिता जय प्रकाश जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2020 से प्रियांशु पूरी निष्ठा के साथ घर पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे प्रियांशु ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया है। चयन की सूचना जैसे ही रतनूपुर स्थित उनके पैतृक आवास पहुंची, पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया प्रियांशु जायसवाल की सफलता आज उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का जज्बा रखते हैं। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।




