
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता अर्पिता
डोभी/जौनपुर। में पंचायत सहायकों का सब्र अब जवाब देने लगा है। मानदेय वृद्धि, सेवा सुरक्षा और मूलभूत संसाधनों की मांग को लेकर पंचायत सहायकों ने मोर्चा खोल दिया है। डोभी विकास खंड परिसर में शनिवार को पंचायत सहायकों ने धरना-प्रदर्शन कर शासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। चंदवक के डोभी विकास खंड परिसर में आयोजित धरने में बड़ी संख्या में पंचायत सहायकों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर उनसे प्रशासनिक और ऑनलाइन कार्यों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभवाई जाती हैं, लेकिन इसके मुकाबले मिलने वाला मानदेय बेहद कम है। धरने में शामिल पंचायत सहायक अंकिता सिंह और पूनम भारती ने बताया कि सरकारी कार्यों के लिए उन्हें अपने निजी मोबाइल फोन, इंटरनेट और अन्य संसाधनों का उपयोग करना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सेवा नियमावली बनाकर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने और कार्य निष्पादन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
उत्तर प्रदेश समस्त पंचायत सहायक संगठन के आह्वान पर पंचायत सहायकों ने एक जून से मोबाइल आधारित कार्यों और ऑनलाइन उपस्थिति का बहिष्कार भी शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने शासन को दो सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। पंचायत सहायकों ने साफ किया कि ऐसी स्थिति के लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा। फिलहाल पंचायत सहायकों के इस आंदोलन ने सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शासन उनकी मांगों पर कितना जल्द और क्या फैसला लेता है।




