
तबादला हुआ, लेकिन ड्यूटी वहीं! आदेशों को सिपाहियों ने दिखाया ठेंगा, विभाग भी खामोश
न्यूज खबर इंडिया संवाददाता
कानपुर देहात। पुलिस विभाग में अनुशासन और आदेशों के पालन की बात करने वाली व्यवस्था अब खुद सवालों के घेरे में है। जिले में 19 जून को 114 सिपाहियों के तबादले किए गए थे और उन्हें तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन में आमद दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि तबादले के कई दिन बाद भी दर्जनों सिपाहियों ने पुलिस लाइन में आमद नहीं कराई और वे अब भी पुराने थानों व चौकियों पर ड्यूटी करते नजर आ रहे हैं सूत्रों के अनुसार, विभागीय आदेशों की खुलेआम अनदेखी के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि तबादला आदेशों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना होता है, लेकिन जब आदेशों का पालन ही न हो और जिम्मेदार अधिकारी भी मौन रहें, तो पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विभागीय आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? अगर नहीं, तो आखिर आदेशों की अवहेलना करने वाले सिपाहियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह मामला पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।




