
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। महिला आरक्षण को लेकर जौनपुर में महिलाओं का गुस्सा खुलकर सड़कों पर दिखाई दिया। महिला जन आक्रोश के तहत आयोजित धरना-प्रदर्शन में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं और सैकड़ों महिलाओं ने केंद्र सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जल्द लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर राजनीति करने का आरोप भी लगाया गया।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अंशु कुशवाहा ने कहा कि, “नारी शक्ति ने हमेशा देश को दिशा दी है, लेकिन जब अधिकार की बात आती है तो देरी क्यों? संसद में हमारी भागीदारी हमारा अधिकार है, कोई खैरात नहीं।” उन्होंने कहा कि महिलाओं का यह संघर्ष केवल आज की पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए है।
अंशु कुशवाहा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा,
“अब सहा नहीं जाएगा, अब चुप रहा नहीं जाएगा। विपक्ष की क्या मजबूरी है, महिला आरक्षण से क्यों दूरी है?”
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रागिनी सिंह ने कहा कि यह नया भारत है, जहां महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं ने संसद में महिला आरक्षण की राह में बाधाएं खड़ी करने का काम किया।
रागिनी सिंह ने कहा, “वंदन नहीं, अधिकार चाहिए, संसद में बराबर का द्वार चाहिए।”
जिला उपाध्यक्ष राखी सिंह ने विपक्षी दलों पर महिला विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं को नीति निर्धारण में बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “नारी का अधिकार जो छीनेगा, वो सत्ता से हाथ धोएगा।”
कार्यक्रम में उपस्थित टीडी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर अंजना सिंह ने कहा कि महिलाएं अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुकी हैं और अपने हक के लिए संघर्ष करना जानती हैं।
उन्होंने कहा, “सौ बात की एक बात, हम नारी शक्ति के साथ।”
धरना-प्रदर्शन में मैनिका सिंह, शशि मौर्य, विमला श्रीवास्तव, किरन मिश्रा, प्रीति गुप्ता, सारिका सोनी, वंदना सिंह, मिलन श्रीवास्तव सहित सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं।




