
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में कथित प्रशासनिक लापरवाही के चलते एक बुजुर्ग महिला की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने छात्र नेता डॉ. मृत्युंजय तिवारी के नेतृत्व में केंद्रीय कार्यालय (कुलपति आवास) पर जोरदार प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
छात्रों का आरोप है कि बलिया की रहने वाली 71 वर्षीय राधिका देवी की मृत्यु ट्रामा सेंटर की लचर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता के कारण हुई। ज्ञापन में कहा गया है कि मरीज की पहचान सुनिश्चित करने में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते पहले 7 मार्च को आर्थोपेडिक सर्जरी और फिर 18 मार्च को न्यूरो सर्जरी कर दी गई। अंततः 27 मार्च को मरीज ने दम तोड़ दिया।
छात्रों ने इस घटना को केवल मानवीय भूल न मानते हुए “संस्थागत विफलता” करार दिया है। प्रदर्शन के दौरान ट्रामा सेंटर के प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
छात्र नेता अभय सिंह ‘मिक्कू’ और सुजीत पासवान ने आरोप लगाया कि पहले ट्रामा सेंटर में संचालित ‘प्री-ऑपरेटिव रूम’ (जहां सर्जरी से पहले मरीज का सत्यापन होता था) की व्यवस्था को बंद कर दिया गया, जिससे इस तरह की गंभीर त्रुटियां सामने आ रही हैं। छात्रों ने नैतिक आधार पर प्रभारी के इस्तीफे और बर्खास्तगी की मांग की है।
प्रदर्शन में हिमांशु राय, प्रफुल पांडेय, अभय सिंह (मिक्कू), हर्ष तिवारी, रजत सिंह, सुजीत पासवान, विशाल पासवान, अंकित पूर्वे, दीपक सिंह, अविनाश सिंह (चंदू), कृष्ण यादव, शिवम राय और आदित्य सिंह तोमर समेत सैकड़ों छात्र शामिल रहे।




