
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। जौनपुर की अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार, सरपतहा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने 6 मार्च 2017 को मामला दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया कि गांव के ही रहने वाले विनोद बिंद ने शादी का झांसा देकर करीब 6 महीने तक दुष्कर्म किया। इस दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई, जिसके बाद आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि विनोद के मित्र मायाराम बिंद ने भी उसके साथ जबरन संबंध बनाए।
पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
शासकीय अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी और रमेश चंद्र पाल ने अदालत में गवाहों के बयान और साक्ष्य प्रस्तुत किए।
सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल की सश्रम कैद और जुर्माने की सजा सुनाई।




