
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के पदाधिकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह को पत्रक सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सुभासपा जिला कमांडर सोनल वर्मा पुत्र संतोष वर्मा, निवासी बीरमपुर थाना केराकत ने आरोप लगाया है कि उन्हें वाराणसी के सारनाथ स्थित होटल कृष्णा पैलेस से जौनपुर एसओजी टीम अपने साथ ले गई और बाद में जलालपुर पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी दर्शा दी।
शिकायत पत्र में सोनल वर्मा ने बताया कि 6 जुलाई 2026 को करीब 11 बजे दिन में वह सारनाथ स्थित होटल में ठहरे रामेश्वर पांडेय और बाबी कुमार से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान जौनपुर की एसओजी टीम होटल पहुंची और रामेश्वर पांडेय, बाबी कुमार, अवनीश गुप्ता, रंजीत कुमार समेत उन्हें भी अपने साथ ले गई।
आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद सुभासपा प्रदेश महासचिव शनि वर्मा ने उसी दिन रात 8:20 बजे यूपी-112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पीआरवी टीम ने बताया कि संबंधित लोगों को जौनपुर पुलिस अपने साथ ले गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद जलालपुर पुलिस ने अपराध संख्या 306/2026 में धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25/25बी आर्म्स एक्ट के तहत 7 जुलाई की सुबह 3:45 बजे गिरफ्तारी दिखा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि न कोई वास्तविक घटना हुई और न ही कोई बरामदगी, बल्कि पुलिस ने मनगढ़ंत कहानी बनाकर कार्रवाई की।
सुभासपा वाराणसी मंडल उपाध्यक्ष वृजभान राजभर ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
इस दौरान जिलाध्यक्ष चंदन राजभर, अरविंद सिंह “मखड़ू”, हरिलाल राजभर, राजेश राजभर, जय प्रकाश सिंह, शनि वर्मा प्रदेश महासचिव, मोतीलाल राजभर समेत बड़ी संख्या में सुभासपा पदाधिकारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर मौजूद रहे।
वहीं इस मामले में पुलिस पक्ष का आधिकारिक बयान सामने नहीं आ सका है।




