
न्यूज खबर इंडिया संवाददाता
संभल। जनपद के बहजोई कोतवाली क्षेत्र स्थित ओम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। पित्त की पथरी के ऑपरेशन के बाद युवक की मौत हो जाने से परिजनों में भारी आक्रोश है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के छह दिन बीत जाने के बावजूद अब तक अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है मृतक के परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद अस्पताल की घोर लापरवाही के कारण युवक की जान चली गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते सही इलाज और आवश्यक चिकित्सकीय सावधानी बरती जाती, तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। मौत के बाद से परिवार लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है परिजनों का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस की ओर से अभी तक अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न्याय की उम्मीद में परिजन अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जबकि परिवार अपने जवान सदस्य को खोने के गहरे सदमे से गुजर रहा है।
इस पूरे मामले ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि परिजनों के आरोप सही हैं, तो यह केवल चिकित्सकीय लापरवाही नहीं बल्कि एक परिवार के साथ हुआ गंभीर अन्याय भी है अब सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या युवक की मौत के जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी, या फिर पीड़ित परिवार को न्याय के लिए यूं ही भटकना पड़ेगा? फिलहाल परिजन निष्पक्ष जांच, मुकदमा दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।




