
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। परियावा गांव में ग्राम निधि से बन रही इंटरलॉकिंग सड़क को रोके जाने के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन करते हुए “न्याय दो” के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
ग्राम प्रधान के अनुसार, विवादित रास्ता करीब 100 साल पुराना है। वर्ष 2010 से 2015 के बीच पूर्व प्रधान प्रभावती देवी के कार्यकाल में यहां लगभग 600 मीटर खड़ंजा मार्ग का निर्माण कराया गया था, जो अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। वर्तमान प्रधान द्वारा ग्राम निधि से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया गया, लेकिन कुछ विपक्षी लोगों और आसपास के काश्तकारों ने काम रुकवा दिया।
बताया गया कि रास्ते की चौड़ाई करीब 9 फीट है। सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस भी निर्माण कार्य शुरू नहीं करा सकी। मंगलवार को राजस्व विभाग और पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण कर पूर्व निर्माण के आधार पर काम जारी रखने के निर्देश दिए, बावजूद इसके विरोधियों ने कथित रूप से मारपीट पर उतारू होकर कार्य फिर से रुकवा दिया।
ग्राम प्रधान और प्रभावित दलित परिवारों का कहना है कि यह मार्ग उनके आवागमन का एकमात्र साधन है, जिसे जबरन बाधित किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि करीब 150 दलित परिवारों के हित में तत्काल हस्तक्षेप कर विरोध करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की है



