
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता अर्पिता
चन्दवक /जौनपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के डोभी ब्लॉक सभागार में निषाद पार्टी की एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जो पूरी तरह चुनावी माहौल में नजर आया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने शिरकत की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि निषाद समाज हमेशा से उपेक्षित और शोषित रहा है। उन्होंने बताया कि समाज की स्थिति को देखते हुए उन्होंने वर्ष 2016 में निषाद पार्टी का गठन किया और लगातार संघर्ष करते हुए आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि अधिक से अधिक पार्टी प्रत्याशियों को विजयी बनाकर संगठन को मजबूत करें, ताकि निषाद समाज देश में अपनी सशक्त पहचान बना सके।
हालांकि कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकारों ने निषाद समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मंत्री से सवाल करने का प्रयास किया, तो उन्होंने बातचीत से साफ इनकार कर दिया। मंत्री के इस रवैये को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि क्या मंत्री ने अपनी कमियों को छुपाने के लिए ऐसा किया या फिर कार्यकर्ताओं के सामने पत्रकारों के सवालों से बचने की कोशिश की।
इसके अलावा एक और अहम सवाल यह उठ रहा है कि क्या राजनीतिक दलों द्वारा सरकारी भवनों का उपयोग प्रचार-प्रसार के लिए किया जाना उचित है? यदि नहीं, तो इस कार्यक्रम की अनुमति किसने दी? यह मुद्दा भी अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है
डोभी ब्लॉक का यह कार्यक्रम जहां एक ओर निषाद पार्टी के लिए शक्ति प्रदर्शन साबित हुआ, वहीं दूसरी ओर मंत्री के पत्रकारों से दूरी और सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर कई सवाल भी खड़े कर गया।




