
न्यूज़ खबर इंडिया संवाददाता
जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी की ओर से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर सोमवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ मुख्य अतिथि एवं पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। उन्होंने कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बनने वाले डॉ. मुखर्जी ने शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने तथा जम्मू-कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए डॉ. मुखर्जी ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका नारा “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” आज भी देशवासियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है।
जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, साहस और अखंड भारत के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी। उन्होंने विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को डॉ. मुखर्जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया संगोष्ठी को सुधाकर उपाध्याय, विकास शर्मा, दीपक सिंह मांटो, कृष्ण कुमार जायसवाल एवं सुरेन्द्र जायसवाल ने भी संबोधित किया कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री पीयूष गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अजय सरोज, पंकज मिश्रा, परविंदर चौहान, पुष्पा निषाद, नीरज मौर्य, अंशु कुशवाहा, राजकेशर पाल, संतोष मिश्र, धर्मेन्द्र मिश्रा, डॉ. देवी प्रसाद सिंह, राजेश गुप्ता, सुधांशु सिंह, घनश्याम यादव, जिला मीडिया प्रभारी आमोद सिंह, अमरनाथ पांडेय, रोहन सिंह, अमित पाठक, दिग्विजय सिंह, अवनीश यादव, नरेंद्र उपाध्याय, अनिल गुप्ता, पुष्पा शुक्ला, किरन मिश्रा, राखी सिंह, सुचिता तिवारी, सुरेन्द्र मिश्र, निखिल सोनकर सहित मंडल अध्यक्ष, मंडल प्रभारी एवं जिले के अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




