
न्यूज खबर इंडिया संवाददाता
वाराणसी। बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक और परिवार की खुशियां छीन लीं। शहर के पांडेघाट गली स्थित मकान संख्या D-23/1 के पास एलटी लाइन पर मरम्मत कार्य के दौरान संविदा लाइनमैन भारत कुमार की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे लाइनमैन को आनन-फानन में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया मूल रूप से हरपुर, भैरवनाथ गांव निवासी भारत कुमार, कल्लू प्रसाद के पुत्र थे और भदैनी पावर हाउस में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। बताया गया कि वह एलटी लाइन पर मरम्मत कर रहे थे, तभी अचानक लाइन में करंट दौड़ गया और वह उसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर की मोर्चरी भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के घंटों बाद भी क्षेत्र के जेई और एसडीओ मौके पर नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि अधिकारी बिना परिजनों की बात सुने केवल औपचारिकता निभाकर लौट गए मृतक की बहन संगीता ने बताया कि रात करीब 2:30 बजे परिवार को हादसे की सूचना मिली। जब तक वे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, तब तक डॉक्टर उनके भाई को मृत घोषित कर चुके थे। उन्होंने कहा कि भारत कुमार परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे और उनकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है वहीं पत्नी चंदा देवी ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति को खंभे पर चढ़ाने के बाद लापरवाही से बिजली चालू कर दी गई, जिससे वह करंट की चपेट में आकर नीचे गिर पड़े। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने जानबूझकर लाइन चालू कराई रोते-बिलखते परिजनों ने सरकार और बिजली विभाग से न्याय की मांग की है। पत्नी ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी, पेंशन और उचित आर्थिक सहायता देने की मांग करते हुए कहा कि भारत कुमार ही पूरे परिवार का सहारा थे। उनके दो छोटे बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं और अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि घोर लापरवाही का मामला माना जाएगा।



