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यूपीवाराणसी

पुलिस कांस्टेबल पर परिवार समेत जानलेवा हमले का आरोप, छह लोग लहूलुहान

डेढ़ साल से चल रहे विवाद ने लिया हिंसक मोड़, तलवार और धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप

न्यूज खबर इंडिया संवाददाता 

वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र के मिश्रपुर गांव में लंबे समय से सुलग रहा ज़मीनी विवाद शनिवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। पड़ोसियों के बीच चला आ रहा विवाद इतना भड़क उठा कि एक ही परिवार के छह सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। घायलों को पहले दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर सभी को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है पीड़ित परिवार ने उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात कांस्टेबल विश्वास कुमार गोंड उर्फ मनोज और उसके परिजनों रिंकू गोंड, बीरबल गोंड, विकास उर्फ मनीष, सौरभ उर्फ रोशन, पिंटू तथा रामबली पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। हमले में तीन भाई, एक बहन, पिता और चाचा गंभीर रूप से घायल हुए हैं घायल पक्ष के विकास यादव के अनुसार, उनका परिवार अपनी ही जमीन पर बाउंड्री के भीतर सीमेंट की करकट लगा रहा था। इसी दौरान आरोपित पक्ष ने कथित रूप से हमला बोल दिया। उनका आरोप है कि उनके पिता ओमप्रकाश यादव पर तलवार से वार किया गया, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई, जबकि अन्य पर भी बेरहमी से हमला किया गया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच करीब डेढ़ वर्ष से विवाद चल रहा है। कई बार चौबेपुर थाने में शिकायत देने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई। परिवार का दावा है कि घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपित पक्ष कथित रूप से सामान लेकर चला गया और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई विकास यादव ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी पुलिस विभाग में सिपाही होने का धौंस दिखाकर कार्रवाई से बचता रहा है। उनका कहना है कि थाना, एसीपी और डीसीपी कार्यालय तक शिकायत पहुंचाने के बाद भी अब तक न्याय नहीं मिला फिलहाल सभी घायल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है हालांकि, इस मामले में अभी तक पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस खूनी संघर्ष की चर्चा है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।

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